Sunday, 5 February 2023

क्या आप भी अपने आपको गौरवान्वित महसूस करने के लिए ऐसा करते हैं

 क्या ये कोई बीमारी है? क्या चलन है? मतलब कुछ भी बोलोगे। चलो बोल लो स्वतंत्र भारत के नागरिक हो भाई तुम्हे अपनी गरिमा को बनाए रखने का अधिकार है।

        इससे कुछ समझ आया दोस्तो। अरे समझाता हूं। वो क्या है कि जब भी देखो फेसबुक पे कोई सूरवंशी बन रहा है, कोई चंद्रवंशी बन रहा है तो कोई अपने आपको यदुवंशी बता रहा है । काछी लोग पहले कुशवाहा बने अब मौर्य, यादव लोग अपने को यदुवंशी मतलब भगवान कृष्ण के खानदान से अपने को जोड़कर देखते है, लोधी राजपूत हो गए और अपने आपको पृथ्वी राज चौहान आदि ठाकुरों से जोड़कर अपने को गौरवान्वित महसूस करने लगे, गडरिया पाल बन गए और अपने आपको सावित्री बाई फुले से जोड़ने लगे , लोहार विश्वकर्मा बन गए और अपने को भगवान विश्वकर्मा से जोड़ने लगे। ऐसे ही और लोग भी है जो अपने को किसी न किसी ऐतिहासिक हीरो से जोड़कर खुद को हीरो साबित करने में लगे हुए है।

ये वही लोग है जिनसे खुद तो कुछ हुआ नही और सोच रहे कि मम्मी पापा ने भी कुछ ऐसा किया नही जिससे हम ढींग हांक पाए तो कुछ न कुछ तो करना पड़ेगा और कर दिया।

इसे ही कहते है जिंदगी झंडवा फिर भी घमंडवा